Monday, 2 June 2014

जानिए, भारत में कितने समुदाय के लोग रहते हैं अल्पसंख्यक और कितनी है उनकी आबादी


       सत्यमेव जयते




जानिए, भारत में कितने समुदाय  के लोग रहते हैं  और कितनी है उनकी आबादी
भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है  हम सब भारतीय एक स्वतंत्र भारत के नागरिक है, हम एक धर्मनिरपेक्ष देश के निवासी है, हमारे देश की संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है यहाँ हर जाति सांप्रदाय के लोग रहते है तथा अपने कर्तव्य, आचारसंहिता, नियम, रीति, रस्म, आचार विचार, नैतिक आचरण, शिष्टाचार आदि पालन करते है ! और अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते है विश्व के सबसे वृहत प्रजातांत्रिक देश भारत को माना गया है , हमारे  देश भारत को देव भूमि भी माना गया, हमारे  देश मे बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल है जो , कि विश्व के सभी देशो के लोग आते है  देश के सभी धार्मिक ,पर्यटक स्थान घुम कर, आनंदित होते है

'यह मुसलमानों के मामलों का मंत्रालय नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों का मंत्रालय है। मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं हैं। बल्कि पारसी अल्पसंख्यक हैं और उनकी संख्या लगातार घटती जा रही है। उन्हें मदद की विशेष  जरूरत है ताकि वे खत्म हो जाएं।
गौरतलब है कि भारत में मुसलमानों की आबादी कुल आबादी का लगभग 13.4 फीसदी है।  जब कि वहीं, यहूदी और पारसी समाज की आबादी बहुत कम है। देश में पारसी समाज की आबादी  लगभग 69,000 और यहूदी समाज की आबादी लगभग 5000 बताई जाती है।
देश में धर्म के आधार पर बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक कौन हैं और उनकी तादाद क्या है। जानिए

हिंदू  संख्या
वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार  भारत की कुल आबादी लगभग 1,028,610,328 थी। इसमें हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की तादाद करीब  लगभग 827,578,868 यानी 80.5 फीसदी थी। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार हिंदू धर्म को मानने वाले लोग भारत में धार्मिक आधार पर बहुसंख्यक हैं। लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि हिंदू समाज विभिन्न समुदायों, मत मतांतरों, भाषायी, सांस्कृतिक तौर पर बंटा हुआ है। इस समुदाय में लोग अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता वाले लोगों का कहना है कि हिंदू समाज को इन्हीं कारणों के चलते एक ईकाई के रूप में देखना मुश्किल है। साथ ही यह तर्क भी दिया जाता है कि जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत और पंजाब जैसे इलाकों में हिंदू समुदाय बहुसंख्यक नहीं है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश में ऐसे कई जिले हैं, जहां हिंदुओं और मुसलमानों की आबादी तकरीबन आधी-आधी है।

आबादी कहां-कहां
मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, लक्षदीप, नागालैंड, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और पंजाब को छोड़कर देश के अन्य 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू बहुसंख्यक हैं।

मुस्लिम संख्या
वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक देश में मुसलमानों की आबादी लगभग 13.4 फीसदी यानी लगभग 138,188,240 थी। इसका मतलब यह हुआ कि संख्या के आधार पर मुसलमान भारत में अल्पसंख्यक हैं। लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि देश के ऐसे कई इलाके हैं, जहां उनकी आबादी हिंदुओं के मुकाबले ज्यादा है। यही नहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो इंडोनेशिया के बाद भारत में मुसलमानों की आबादी सबसे ज्यादा है। भारत में मुसलमानों की तादाद पाकिस्तान और बांग्लादेश में मुसलमानों की आबादी की तुलना में ज्यादा है।

आबादी कहां-कहां
लगभग पूरे देश में मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं। जम्मू-कश्मीर और लक्षदीप में मुसलमान आबादी बहुसंख्यक है। लेकिन असम (30.9%), पश्चिम बंगाल (25.2%), केरल (24.7%), उत्तर प्रदेश (18.5%) और बिहार (16.5%) मुस्लिम आबादी है।

सिख संख्या
वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार देश में 1.9 फीसदी आबादी सिखों की है। जब कि सिखों की जनसंख्या लगभग 19,215,730 थी। यह अल्पसंख्यक समाज है।

 आबादी कहां-कहां
सिख समुदाय के लोग मुख्य रूप से पंजाब में ज्यादा तर पाए जाते हैं। देश के कुल सिखों की 75 फीसदी आबादी पंजाब में रहती है। इसके अलावा चंडीगढ़ (16.1%), हरियाणा (5.5%), दिल्ली (4.0%), उत्तराखंड (2.5%), जम्मू-कश्मीर (2.0%) में भी सिखों की ठीक ठाक आबादी रहती है। 

ईसाई संख्या
वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक देश में ईसाई समाज की आबादी कुल आबादी का 2.3 फीसदी यानी भारत में लगभग 24,080,016 ईसाई रहते हैं। भारत में ईसाई समाज को अल्पसंख्यक माना जाता है।

आबादी कहां-कहां
पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के कुछ हिस्सों में ईसाई समाज की अच्छी खासी आबादी है। इसके अलावा शायद ही देश का कोई ऐसा जिला होगा जहां ईसाई समाज के लोग हों। नागालैंड, मिजोरम, मेघालय में ईसाई बहुसंख्यक हैं। मणिपुर (34.0%), गोवा (26.7%), अंडमान और निकोबार (21.7%) और केरल (19.0%) और अरुणाचल प्रदेश (18.7%) में भी अच्छी तादाद में मुसलमान आबादी है।

बौद्ध संख्या
देश में बौद्ध समाज के लोगों का कुल आबादी में प्रतिशत लगभग 0.8 है। यानी उनकी तादाद वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक लगभग 7,955,207 थी। बौद्ध समाज के लोग अल्पसंख्यक माने जाते हैं।

आबादी कहां-कहां
ज्यादा तर बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र व् मध्य प्रदेश के अलावा पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में काफी तादाद में मिलते हैं। लेकिन भारत का शायद ही कोई ऐसा जिला हो, जहां बौद्ध धर्म का कोई अनुयायी रहता हो।  

जैन संख्या
देश में जैन समाज के लोगों की आबादी  लगभग 0.4 फीसदी यानी 4,225,053 है।

आबादी कहां-कहां
जैन समाज के लोग ज्यादा तर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व्  मध्य प्रदेश और गुजरात समेत देश के कई राज्यों में रहते हैं।

पारसी संख्या 
देश में पारसी समाज के लोगों की कुल आबादी  लगभग करीब 69,000 है। पारसी समाज की आबादी अन्य धर्मों के लोगों के मुकाबले तेजी से घटती हुई दिख रही है। 

आबादी कहां-कहां
पारसी समाज के लोग महाराष्ट्र, व्  गोवा, दमन-दीव और गुजरात में सबसे ज्यादा रहते पाये गए  हैं।

यहूदी संख्या
भारत में यहूदियों की कुल आबादी लगभग 5000 बताई जाती है। पारसी समाज की तरह यहूदी समाज की आबादी भी भारत में अन्य धर्मों के लोगों के मुकाबले तेजी से घट रही है। 

आबादी कहां-कहां

भारत में यहूदी समाज के लोग महाराष्ट्र के मुंबई और थाणे में रहते हैं।

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